What Is SEO In Hindi (SEO Kya Hai) Easy & Complete SEO Tutorial In Hindi 2021

What Is SEO In Hindi

नमस्कार मित्रों आज हम SEO के बारे में बात करने वाले हैं, कि SEO Kya Hai(What Is SEO In Hindi)और SEO Kaise kare, SEO के प्रकार(Types of SEO In Hindi)

जैसा कि हम सब जानते हैं कि यदि आप एक ब्लॉगर/यूटूबर/बिज़नेस मालिक है और अपने पोस्ट/वीडियोस/प्रोडक्ट्स को सर्च इंजन जैसे गूगल पर रैंक कराना चाहते हैं तो आपको SEO के बारे में पता होना चाहिए।

सर्च इंजन पर रैंक करने के लिए आपको आपकी वेबसाइट/ब्लॉग पोस्ट/वीडियो का अच्छी तरह से SEO करना होगा तभी आप सर्च इंजन पर रैंक कर पाएंगे।

तो यदि आप भी जानना चाहते हैं कि SEO Kya Hai(What Is SEO In Hindi) और SEO Kaise kare, SEO कितने प्रकार का होता है (Types of SEO In Hindi) तो इस पोस्ट को अंत तक पढ़ें और आपको SEO से सम्बंधित सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त हो जाएगी।

Contents hide
4 SEO के प्रकार(Types of SEO In Hindi)

SEO Kya Hai(What Is SEO In Hindi)

SEO क्या है(What Is SEO In Hindi) – SEO का फुल फॉर्म या पूरा नाम सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन होता है जिसका कार्य आपके पोस्ट, वीडियो या वेबसाइट को सर्च इंजन के समझने के लिए अनुकूलित(ऑप्टिमाइज़) करना होता है।

जिससे सर्च इंजन समझ सके कि आपका पोस्ट या वीडियो किस विषय के बारे में है, और वह उसे समझ कर उसे सर्च परिणामों में प्रदर्शित कर सके और सही रैंकिंग प्रदान कर सके।

SEO(सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन) वेबसाइट और पोस्ट्स(लेखों) को सर्च इंजन के अनुसार अनुकूलित करने के कार्य करता है ताकि सर्च इंजन के ऑर्गेनिक सर्च परिणामों(organic search engine results) के द्वारा अधिक और गुणवत्तापूर्ण ट्रैफिक(quality and quantity traffic) प्राप्त किया जा सके।

SEO का मुख्य कार्य वेबसाइट/पोस्ट्स को सर्च इंजन पर रैंक कराना और सर्च इंजन जैसे गूगल या बिंग, याहू को आपके पोस्ट की रैंकिंग निर्धारित करने में मदद करना होता है।

प्रयुक्त शब्दों का विवरण

ऑर्गेनिक सर्च परिणाम – सर्च इंजन के ऑर्गेनिक सर्च परिणामों से तात्पर्य उन परिणामों से होता है जो सर्च इंजन आपके कुछ सर्च करने पर आपको प्रदर्शित करता है, जैसे यदि आप गूगल पर सर्च करते है कि वेबसाइट कैसे बनाये तो गूगल उसके लिए हजारों परिणाम प्रदर्शित कर देता है यही ऑर्गनिक सर्च रिजल्ट कहलाते हैं।

गुणवत्तापूर्ण ट्रैफिक – आप विश्व के किसी भी कोने से ट्रैफिक प्राप्त कर सकते हैं पर यदि विजिटर सिर्फ इसीलिए आपकी वेबसाइट पर आ रहे हैं कि गूगल में उन्हें सर्च रिजल्ट में दिखाया है कि आप विभिन्न ब्रांड के स्मार्टफोन बेचते है जैसे एप्पल,

जबकि आप हकीकत में आप सेब(एप्पल) और अन्य फलों का व्यवसाय करते हैं, तो यह आपके के लिए गुणवत्तापूर्ण ट्रैफिक नहीं होगा, विजिटर आपके द्वारा उपलब्ध कराये जा रहे प्रोडक्ट,सर्विस के लिए आपकी वेबसाइट पर आना चाहिए।

अधिक मात्रा में ट्रैफिक – एक बार आप क्वालिटी ट्रैफिक प्राप्त करना शुरू कर देते हैं, लोग सर्च इंजन के रिजल्ट पजों से आपके प्रोडक्ट के लिए आपकी वेबसाइट पर आने लगते हैं तो जितने ज्यादा विजिटर आपके पास आते हैं आपके लिए उतना ही अच्छा होता है।

अगर आप ब्लॉग्गिंग के बारे में नहीं जानते और जानना चाहते हैं कि Successful Blog Kaise Banaye Step By Step In Hindi Free Blogging Guide 2021 तो लिंक पर क्लिक करके आप हमारा यह पोस्ट पढ़ सकते हैं।

SEO(सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन) कैसे काम करता है?

SEO Kya Hai(What Is SEO In Hindi) इसके बाद सबसे ज्यादा यही पूछा जाता है कि SEO कैसे काम करता है और इसकी प्रक्रिया क्या है? यह वेबसाइट, ब्लॉग या वीडियो की केटेगरी और रैंकिंग कैसे निर्धारित करते हैं।

सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन(SEO) में हम अपनी वेबसाइट, ब्लॉग या वीडियो को सर्च इंजन के अल्गोरिथम और रैंकिंग फैक्टर्स के अनुसार अनुकूलित करते हैं और सर्च इंजन के वेबमास्टर टूल में सबमिट करते हैं।

हम सभी गूगल, बिंग, याहू को जानते हैं ये सभी सर्च इंजन हैं, सबसे पहले हम अपनी वेबसाइट,पोस्ट या वीडियो बनाते हैं और उसे ऑप्टिमाइज़ करके इनके पास सबमिट करते हैं, उसके बाद सर्च इंजन के रोबोटिक टूल्स(क्रॉलर) हमारी वेबसाइट पर विजिट करते हैं और अपने अल्गोरिथम के हिसाब से चेक करते हैं।

वो अपने सभी अल्गोरिथम को चेक करते हैं कि हमने कितने अल्गोरिथम(रैंकिंग फैक्टर्स) का पालन किया है, हमने कितने अल्गोरिथ्म्स का पालन किया है और कितनी अच्छी तरह से किया है, इसी के आधार पर हमारी वेबसाइट या वीडियो की रैंकिंग निर्धारित की जाती है।

तो सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन का मुख्य उद्देश्य वेबसाइट/पोस्ट या वीडियो को सर्च इंजन के अल्गोरिथम और रैंकिंग फैक्टर्स के अनुसार ऑप्टिमाइज़ करके अच्छी सर्च रैंकिंग दिलवाना होता है।

वेबसाइट रैंकिंग की प्रक्रिया

वेबसाइट रैंकिंग की प्रक्रिया कई चरणों में विभाजित होती है और एक वेबसाइट या वीडियो को इन सभी चरणों से गुजरना होता है हम इन सभी चरणों को एक एक करके समझेंगे=>

वेबसाइट सब्मिशन

पहला चरण वेबसाइट को सबमिट करना होता है, सबसे पहले हम अपनी वेबसाइट या वीडियो बनाते हैं और उसे सर्च इंजन के अल्गोरिथम और रैंकिंग फैक्टर्स के अनुसार ऑप्टिमाइज़ करते हैं और सर्च इंजन के वेबमास्टर टूल में सबमिट करते हैं।

वेबसाइट क्रॉल

अगला चरण वेबसाइट क्रॉलिंग होता है, वेबसाइट को वेबमास्टर टूल में सबमिट करने के बाद, सर्च इंजन के SEO टूल वेबसाइट के सभी पेजों को कॉपी करते हैं और अपने सर्च इंजन के सर्वर पर स्टोर करते हैं।

वेबसाइट इंडेक्सिंग

सब्मिशन और क्रॉलिंग के बाद अगला चरण इंडेक्सिंग का होता है, पेजों को अपने सर्वर पर सेव करने के बाद सच इंजन के टूल्स इन पेजों को इंडेक्स करते हैं और उनकी जानकारी प्रदान करने के लिए यूजर को दिखाते हैं।

वेबसाइट रैंकिंग

अंतिम चरण वेबसाइट की रैंकिंग निर्धारित करना होता है, इस चरण में ऊपर बताये गए सभी चरणों को पूरा करने के बाद वेबसाइट या ब्लॉग की रैंकिंग निर्धारित की जाती है।

वे वेबसाइट की केटेगरी का निर्णय करते हैं वेबसाइट के रैंकिंग पेज का निर्धारण करते हैं कि वह किस पेज पर रैंक करेगी, अंतिम चरण के बाद वे वेबसाइट को सर्च रिजल्ट में दिखाते हैं, और फिर वहां से विज़िटर्स हमारी वेबसाइट पर आते हैं।

अगर आप गूगल पर अपने ब्लॉग/पोस्ट को रैंक करना चाहते है तो आपको गूगल के रैंकिंग फैक्टर्स के बारे में पता होना चाहिए, जिनके आधार पर गूगल पर पर पोस्ट को रैंक करता है, हमने बहुत रिसर्च करने के बाद 11 सबसे महत्वपूर्ण गूगल रैंकिंग फैक्टर्स पता किये हैं, और पोस्ट लिखा है, जिनको आपको जरूर पढ़ना चाहिए।

SEO के प्रकार(Types of SEO In Hindi)

हम यहाँ SEO के प्रकारों के बारे में विस्तार से जानेंगे , SEO के मुख्यतः तीन प्रकार होते हैं =>

Types of SEO In Hindi
  • वाइट हैट SEO
  • ब्लैक हैट SEO
  • ग्रे हैट SEO

वाइट हैट SEO(White Hat SEO In Hindi)

यह SEO का वैधानिक और नैतिक प्रकार है, इसे सर्वश्रेष्ठ SEO प्रथा कहा जाता है और सभी सर्च इंजनों द्वारा इसे ही करने की सिफारिश की जाती है, आइये इसे और इसकी विशेषताओं को एक एक करके जानते हैं =>

एथिकल एन्ड ऑर्गेनिक SEO

इसे नैतिक और ऑर्गेनिक SEO कहा जाता जाता है क्युकि हम इसमें सभी कार्य जैसे आर्टिकल लिखना, ऑप्टिमाइजेशन, प्रकाशन और रैंकिंग सब कुछ नैतिक और ऑर्गेनिक तरीके से करते हैं।

सर्च इंजन के दिशा-निर्देशों का पालन करना

वाइट हैट SEO में सर्च इंजन के सभी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाता है, जैसे की गूगल एक सर्च इंजन है और उसकी आर्टिकल लिखने, SEO और सभी कार्यों की अपनी गाइड लाइन है, तो यहाँ हम उस सभी का पालन करते हैं।

लॉन्ग लास्टिंग ग्रोथ

वाइट हैट SEO एक धीमी प्रक्रिया है अर्थात यह वेबसाइट को रैंक करने में धीमे काम करता है, पर यह लम्बे समय तक चलने वाली ग्रोथ प्रदान करता है, इस SEO में वेबसाइट को रैंक करने में समय जरूर लगता है पर एक बार वेबसाइट रैंक हो जाती है तो लम्बे समय तक उस रैंकिंग पर स्थिर रहती है।

निर्देशित(Recommended)SEO

वाइट हैट SEO सबसे ज्यादा सिफारिश किया जाने वाला SEO प्रकार है, अगर आप अपनी वेबसाइट की सही और स्थिर ग्रोथ चाहते हैं तो आपको अपनी वेबसाइट के सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन में वाइट हैट SEO का प्रयोग जरूर करना चाहिए।

उपयोगकर्ता का विश्वास और आधिकारिकता

जब हम सबकुछ वाइट हैट SEO के अनुसार नैतिक तरीके से करेंगे और यूजर को वो प्राप्त होगा जो और सर्च कर रहा है, तो यूजर को हमारी वेबसाइट पर विश्वास होगा और हमारी वेबसाइट एक विश्वसनीय और आधिकारिक वेबसाइट जाएगी।

ऑनलाइन प्रतिष्ठा में सुधार

वाइट हैट SEO वेबसाइट की ऑनलाइन प्रतिष्ठा को बढ़ाता है क्युकि इसमें हम सभी कार्य नैतिक तरीके से करते हैं और यूजर को उसके सर्च के अनुसार सही जानकारी प्रदान करते हैं।

अगर आप जानना चाहते हैं कि YouTube Channel Kaise Banaye | YouTube Se Paise Kaise Kamaye Ultimate Free Hindi Guide तो इस लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं।

ब्लैक हैट SEO(Black Hat SEO In Hindi)

यह SEO का अवैधानिक और अनैतिक प्रकार है, इसे सबसे ख़राब SEO प्रथा कहा जाता है और सभी सर्च इंजनों द्वारा इसे ना करने की सिफारिश की जाती है, आइये इसे और इसकी विशेषताओं को एक एक करके जानते हैं =>

अनैतिक SEO

जैसा की नाम से ही पता चलता है कि यह वाइट हैट SEO के विपरीत होता है, यहाँ सभी कार्यों जैसे आर्टिकल लिखना, ऑप्टिमाइजेशन, प्रकाशन और रैंकिंग सब अनैतिक और अवैधानिक तरीके से किया जाता हैं।

सर्च इंजन के दिशा-निर्देशों का पालन ना करना

ब्लैक हैट SEO में सर्च इंजन की गाइड लाइन्स का पालन नहीं किया जाता और अपनी मर्जी से जल्दी रैंकिंग प्राप्त करने के लिए हर तरह के कार्य किये जाते हैं।

तेज, अप्रत्याशित और कम समय की ग्रोथ

ब्लैक हैट SEO वाइट हैट SEO की अपेक्षा बहुत तेजी से कार्य करता है, जैसा कि यदि वाइट हैट SEO से आपकी वेबसाइट पर रोज 100 विजिटर आते हैं तो विजिटर धीरे धीरे ऑर्गेनिक तरीके से बढ़ेंगे।

पर ब्लैक हैट SEO में आप एक दिन में अप्रत्याशित संख्या में विजिटर बढ़ा सकते हैं, पर यह कम समय की ग्रोथ और रैंकिंग प्रदान करता है और यह लब्मे समय की ग्रोथ में बहुत नुकसानदायक होता है।

वेबसाइट के ब्लैकलिस्ट होने का कारण बन सकता है

जैसा कि यह एक अनैतिक SEO प्रकार है और इसमें सर्च इंजन के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया जाता, तो यदि आपकी गतिविधियां सर्च इंजन की पकड़ में आ जाती हैं तो वह आपकी वेबसाइट को पेनेलाइज़ या ब्लैकलिस्ट कर देगा।

अगर आप जानना चाहते हैं कि Podcast Kya Hai? Podcast Kaise Banaye Best Free Hindi Guide तो इस लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं।

ब्लैक हैट SEO तकनीक(Black Hat SEO Techniques In Hindi)

ब्लैक हैट SEO में इन तकनीकों का प्रयोग किया जाता है =>

Black Hat SEO Techniques

1 लेख चक्रण (Article spinning)
2 शब्द छुपाना (Hide text)
3 लिंक्स खरीदना (Paid links)
4 कीवर्ड भरना (Keyword stuffing)
5 गुप्त लिंक्स (Hidden links)
6 समायोजन (Clocking
)

लेख चक्रण क्या है?(What Is Article spinning)

गूगल के दिशा-निर्देशों में किसी अन्य के लेखों की नक़ल करना या उसकी सामग्री(content) की नक़ल करने की अनुमति नहीं है पर कुछ लोग आर्टिकल स्पिनिंग करते हैं।

आर्टिकल स्पिनिंग में वे किसी के आर्टिकल की नक़ल(copy) करते हैं और उसे स्पिनिंग पात्र या सॉफ्टवेयर में रख देते हैं जो उसके कुछ शब्दों को उनके समानार्थी शब्दों से परिवर्तित कर देते हैं जिससे उन्हे एक नया आर्टिकल प्राप्त हो जाता है जिसे वो अपनी वेबसाइट में पब्लिश कर देते हैं।

लेकिन अब गूगल वेबमास्टर टूल और क्रॉलर काफी स्मार्ट हो गए हैं जो समझते हैं कि उन्होंने क्या किया है और फिर उन्हें गूगल पेनाल्टी का सामना करना पड़ता है।

शब्द छुपाना (Hide text)

ब्लैक हैट SEO का प्रयोग करने वाले अपने आर्टिकल में एक ही शब्द का बार-बार प्रयोग करते हैं, जैसे यदि वह कंप्यूटर पर लेख लिखते है तो वे अपने आर्टिकल में बार-बार कंप्यूटर शब्द का प्रयोग करते हैं जिसका यूजर पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

इस समस्या के समाधान के लिए वो शब्द और उसके बैकग्राउंड को एक ही कलर का कर देते है जिससे शब्द दिखना बंद हो जाता है, यह भी एक अनैतिक कार्य है और आपकी वेबसाइट को नुकसान पंहुचा सकता है।

लिंक्स खरीदना (Paid links)

यह ब्लैक हैट SEO की एक प्रसिद्द तकनीक है इसमें वे पैसे देकर अपनी वेबसाइट के लिंक बनवाते या खरीदते हैं और उन्हें हजारों वेबसाइट पर फैला देते हैं।

और जब सर्च इंजन के रोबोट्स उन वेबसाइट पर इन लिंक्स को पाते हैं तो उन्हें लगता है कि ये वेबसाइट बहुत अच्छी जानकारी उपलब्ध करा रही है और वे उस वेबसाइट को रैंक कर देते हैं।

यह भी एक अनैतिक कार्य है और अब गूगल में अपने सॉफ्टवेयर को अपडेट कर दिया है इसीलिए ये तकनीक अब काम नहीं करती या जल्दी पकड़ जाती है ये तकनीक 5-10 अच्छे से काम करती थी।

कीवर्ड स्टफिंग क्या है (What Is Keyword stuffing In Hindi)

हर आर्टिकल कुछ कीवर्ड्स पर सर्च इंजन पर रैंक करता है, इसीलिए हम अपने आर्टिकल में कीवर्ड का प्रयोग करते हैं, पर ब्लैक हैट SEO में वे अपने पोस्ट रैंक कराने के लिए उसमें कई बार अपने कीवर्ड को प्रयोग करते हैं।

यह भी एक गलत अभ्यास है, हमें सर्च इंजन के दिशा-निर्देशों में बताये गए कीवर्ड अनुपात में ही कीवर्ड्स का प्रयोग करना चाहिए।

गुप्त लिंक्स (Hidden links)

यह भी शब्दों को छुपाने जैसा ही है इसमें वे अनैतिक तरीके से लिंक्स बनाते हैं और फिर लिंक और उनके बैकग्राउंड को एक ही कलर का करके छुपा देते हैं।

समायोजन (Clocking In SEO In Hindi)

हम अपने आर्टिकल में उन कीवर्ड का प्रयोग करते हैं जो हमारे आर्टिकल से सम्बंधित होते हैं पर ब्लैक हैट SEO में वे उन कीवर्ड्स का भी प्रयोग करते हैं जो उनके आर्टिकल से सम्बंधित नहीं होते हैं।

ऐसा करने का उद्देश्य ज्यादा विजिटर प्राप्त करना होता है, यह भी अनैतिक और गलत है क्युकि यह यूजर और वेबसाइट पर गलत प्रभाव डालता हैं।

अगर आप गूगल को बहुत ही साधारण तरीके से उपयोग करते हैं तो आपको जरूर जानना चाहिए की गूगल पर सर्च कैसे करे 17 बेस्ट गूगल सर्च ट्रिक्स इन हिंदी लिंक पर क्लिक करके आप हमारा वह पोस्ट पढ़ सकते हैं।

ग्रे हैट SEO(Gray Hat SEO In Hindi)

यह वाइट हैट और ब्लैक हैट SEO का मेल(मिक्चर) होता है, इसमें हम 95% वाइट हैट SEO + 5% ब्लैक हैट SEO का प्रयोग करते हैं, हम इसे कुछ समय के लिए या किसी विशेष कारण के लिए उपयोग कर सकते हैं।

Gray Hat SEO In Hindi

पर इसे भी प्रयोग करने की सिफारिश(recommend) नहीं की जाती, गूगल अपने नियमों और दिशा-निर्देशों के प्रति बहुत सख्त है क्युकि उसकी प्राथमिकता यूजर को उपयोगी कंटेंट और परिणाम देना होती है।

तो SEO के प्रकारों में से अपनी वेबसाइट और आर्टिकल में वाइट हैट SEO करने की ही सिफारिश (recommend) की जाती है, यह एक धीमी प्रक्रिया है पर लम्बे समय में यह अच्छी रैंकिंग और वेबसाइट को स्थायित्व प्रदान करती है।

अगर आप नहीं जानते कि गूगल अकाउंट/जीमेल ID कैसे बनाते हैं तो इस लिंक पर जाकर आप हमारा वह पोस्ट पढ़ सकते हैं और अपना जीमेल अकाउंट बना सकते हैं।

SEO Kaise Kare In Hindi(How To Do SEO In Hindi)

किसी भी वेबसाइट/ यूट्यूब वीडियो या आर्टिकल/ब्लॉग का SEO करने की तीन प्रक्रियाएं या तीन तरीके होते हैं जिनमे आपका SEO का पूरा काम हो जाता है आइये इन प्रक्रियाओं को जानते हैं=>

  • On-Page SEO
  • Off-Page SEO
  • Local SEO

On Page SEO Kya Hai(What Is On-Page SEO In Hindi)

ऑन पेज SEO वह सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन जो हम पेज या आर्टिकल को पब्लिश करने और इंजन के वेबमास्टर टूल में सबमिट करने के पहले करते हैं।

पोस्ट या पेज क्रिएट करने के बाद आपको कंटेंट लिखना होता है उसके बाद अगला स्टेप ऑन पेज SEO होता है, यह बहुत ही महत्वपूर्ण होता है क्युकि इसी के द्वारा हम क्रॉलर और विसिटर्स को पेज पर अपने कंटेंट, वेबसाइट, प्रोडक्ट और सर्विसेज के बारे में बताते हैं।

इसमें बहुत सी चीजों को मैनेज करना पड़ता है जैसे – टाइटल, टैग्स, कीवर्ड्स, डिस्क्रिप्शन, इंटरनल और एक्सटर्नल लिंक्स कंटेंट की लम्बाई और भी बहुत कुछ, सबसे जरुरी होता है सही कीवर्ड्स को मैनेज करना, क्युकि ट्रैफिक, सर्च इंजन रिजल्ट और रैंकिंग सब कीवर्ड्स पर ही निर्भर करती है।

जैसे कि यदि हम गूगल पर कम्प्यूटर्स के बारे में सर्च करते हैं तो वह हमें बहुत सारे रिजल्ट दिखाता है पर हम ऊपर के 2-5 रिजल्ट्स में से किसी एक पर क्लिक करते हैं, वो सर्च रिजल्ट में इसीलिए दिखाई देते हैं क्युकि उन्होंने अपने आर्टिकल में कंप्यूटर शब्द का प्रयोग किया होता है।

On Page SEO Kaise Kare(How To Do On-Page SEO In Hindi)

ऑन पेज SEO करने के लिए आपको ये सभी कार्य करने होंगे =>

आर्टिकल का टाइटल

आर्टिकल का टाइटल(शीर्षक) आर्टिकल का नाम होता है और इसी से आपके आर्टिकल को जाना जाता है, आपका टाइटल आकर्षक और आपके आर्टिकल से सम्बंधित होना चाहिए और आपके आर्टिकल के बारे में बताने वाला होना चाहिए।

कीवर्ड रिसर्च

आपको आपके आर्टिकल के लिए अच्छी तरह कीवर्ड रिसर्च करना चाहिए कि लोग किस चीज के लिए और किस कीवर्ड से सर्च कर रहे हैं, और फिर उन कीवर्ड्स को अपने आर्टिकल और टाइटल में सम्मिलित करे, ताकि जब भी लोग उस कीवर्ड को सर्च करे आपका पोस्ट सर्च रिजल्ट में दिखाई दे।

URL की लम्बाई

आपके आर्टिकल का URL ज्यादा बड़ा नहीं होना चाहिए, सर्च इंजन की गाइड लाइन्स के अनुसार URL 70 शब्दों से ज्यादा का नहीं होना चाहिए।

मेटा डिस्क्रिप्शन

मेटा डिस्क्रिप्शन आपके आर्टिकल का चेहरा होता है क्युकि यह सर्च रिजल्ट में दिखाई देता है, यह आपके आर्टिकल का सारांश होना चाहिए और आप अपने आर्टिकल में क्या जानकारी देने वाले हैं उसके बारे में बताने वाला होना चाहिए।

कंटेंट की लम्बाई

सर्च इंजन पर रैंक करने के लिए आपके आर्टिकल की कंटेंट लेंथ कम से कम 600 शब्दों की होनी चाहिए, अधिकतम कितने शब्द होने चाहिए इसकी कोई तय सीमा नहीं है पर आपके आर्टिकल के विषय में पूर्ण और विस्तृत जानकारी प्रदान करना चाहिए।

हैडिंग टैग

आपको आपके पोस्ट को सही तरीके से हैडिंग और सब-हैडिंग में वर्गीकृत करना चाहिए, क्युकि यह सर्च इंजन के क्रॉलर को आपका आर्टिकल समझने में मदद करती हैं और आपके लेख की पठनीयता को बढाती हैं।

मीडिया

आपको अपने लेख में इमेजेज और वीडियोस को रखना चाहिए, पर जो भी मीडिया आप प्रयोग करे वह आपके आर्टिकल से सम्बंधित होना चाहिए और आपको किसी और के कॉपीराइट मीडिया का उपयोग नहीं करना चाहिए।

इंटरनल लिंक्स

आपको अपने अन्य पोस्ट्स और पजों को अपने आर्टिकल के साथ अच्छी तरह से लिंक करना चाहिए, ताकि क्रॉलर्स और विज़िटर्स आपके इस आर्टिकल से लिंकों के माधयम से दूसरे आर्टिकल पर भी जाए और उन्हें भी पढ़ें।

एक्सटर्नल लिंक्स

आपको कुछ आधिकारिक वेबसाइट या उनके लेखों को (जो आपके आर्टिकल से सम्बंधित अच्छी और प्रासंगिक जानकारी देते हों) भी अपने आर्टिकल में लिंक करना चाहिए, यह आपके आर्टिकल की अधिकारिकता और विश्वसनीयता को बढ़ता है।

शीर्षक(टाइटल) पठनीयता

आपके आर्टिकल का टाइटल आकर्षक और पढ़ने और समझने में आसान होना चाहिए, आपको अपने टाइटल में कुछ अंकों और सशक्त शब्दों का प्रयोग करना चाहिए, ये पढ़ने वाले को आकर्षित करते हैं और उसके मन की उत्सुकता को बढ़ाते हैं।

कंटेंट(सामग्री) पठनीयता

आपका आर्टिकल समझने में सरल और पठनीय होना चाहिए, आपको सरल शब्दों और छोटे वाक्यों का प्रयोग करना चाहिए और कठिन शब्दों, लम्बे वाक्यों के प्रयोग से बचना चाहिए।

अगर आप अपनी वेबसाइट या ब्लॉग बनाना चाहते हैं और जानना चाहते हैं Blog Kis Topic Par Banaye? Best Topic For Blog Free Hindi Guide तो लिंक पर क्लिक करके आप हमारा पोस्ट पढ़ सकते हैं।

Off Page SEO Kya Hai(What Is Off Page SEO In Hindi)

ऑफ पेज SEO का कार्य आर्टिकल को पब्लिश करने और सर्च इंजन के वेबमास्टर टूल में सबमिट करने के बाद शुरू होता है, यह अधिकतर आर्टिकल के प्रमोशन से सम्बंधित होता है।

यहाँ पर सबसे महत्वपूर्ण कार्य अपनी वेबसाइट और उसके लेखों का सोशल मीडिया प्लेटफार्म और अन्य प्लेटफार्म पर प्रमोशन करना और बैकलिंक बनाना होता है, ताकि ऑर्गेनिक सर्च के अलावा और अधिक ट्रैफिक प्राप्त किया जा सके।

इंटरनेट पर ऐसी बहुत सी आधिकारिक वेबसाइट है जहाँ आप अपना लिंक छोड़कर बैकलिंक प्राप्त कर सकते हैं, और यदि आप कुछ अच्छी और विश्वसनीय वेबसाइट से बैकलिंक प्राप्त करने में सफल हो जाते हैं,

तो इससे गूगल की नजरों में आपकी वेबसाइट की साख बन जाती है, और फिर गूगल यूजर और विज़िटर्स को आपकी वेबसाइट की सिफारिश करता है और आपको अपना व्यवसाय बढ़ाने में मदद करता है।

Off Page SEO Kaise Kare(How To Do Off Page SEO In Hindi)

ऑफ पेज SEO के अंतर्गत ये सभी कार्य आते हैं =>

आर्टिकल को सोशल मीडिया पर शेयर करना

आपको अपनी वेबसाइट या ब्लॉग के नाम से सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, ट्विटर आदि पर अकाउंट और पेज बनाने होंगे और अपने आर्टिकल्स को शेयर करना होगा, ताकि आपको इनसे ट्रैफिक प्राप्त हो सके।

फोरम साइट्स पर शेयर करना

Medium और reddit जैसी फोरम साइट्स पर अकाउंट बनाइये और अपने आर्टिकल को शेयर कीजिये, इन साइट्स पर लाखों में ट्रैफिक आता है जिससे आपको ट्रैफिक मिलेगा।

Q&A साइट्स पर उत्तर दीजिये

Quora जैसी Q&A साइट पर अकाउंट बनाइये और अपने वेबसाइट और आर्टिकल के विषयों से सम्बंधित प्रश्नों के कम शब्दों में उत्तर दीजिए और अपने आर्टिकल के लिंक दीजिये, जिससे अधिक जानकारी के लिए विज़िटर्स आपकी वेबसाइट पर आएंगे।

बैकलिंक्स बनाइये

अपनी वेबसाइट के निष् से सम्बंधित आधिकारिक और विश्वसनीय वेबसाइट पर अपनी वेबसाइट और लेखों के लिंक दीजिये, अगर आप कुछ अच्छे बैकलिंक बनाने में सफल हो जाते हैं और वे सर्च इंजन पर आपके आर्टिकल की रैंकिंग को बढ़ा देतीं हैं जिससे आपको ज्यादा विज़िटर्स प्राप्त होने लगते हैं।

ईमेल मार्केटिंग

ईमेल मार्केटिंग भी वेबसाइट और आर्टिकल के प्रमोशन का बहुत ही प्रसिद्द तरीका है, अगर आपके विज़िटर्स ने आपके ईमेल न्यूज़ लेटर को सब्स्क्राइब किया है या किसी और तरीके से उनके इमेल्स के द्वारा आप उसके ईमेल पर अपने नए आर्टिकल की ईमेल नोटिफिकेशन भेज सकते हैं और ट्रैफिक प्राप्त कर सकते हैं।

अगर आप जानना चाहते हैं कि Ghar Baithe Internet Se Paise Kaise Kamaye? तो इस लिंक पर क्लिक करके इस विषय पर हमारी Hindi Guide पढ़ सकते हैं।

Local SEO Kya Hai(What Is Local SEO In Hindi)

लोकल SEO(सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन) लोकल विज़िटर्स के लिए काम करता है जो लोकल एरिया में आपके कीवर्ड, वेबसाइट या प्रोडक्ट और सर्विसेज को सर्च कर रहे होते हैं, आप इनके लिए एक लोकल स्टोर स्थापित कर सकते प्रोडक्ट और सर्विसेज प्रदान कर सकते हैं।

अंतिम शब्द

यहाँ हमने SEO से सम्बंधित सभी महत्पूर्ण पहलुओं को समझाने का प्रयास किया है जैसे What Is SEO In Hindi(SEO kya hai), SEO ke prakar, SEO Kaise Kare In Hindi, On Page SEO Kya Hai, Off Page SEO Kya Hai और भी अन्य, अगर आपको हमारा यह प्रयास अच्छा लगा हो तो हमें कमेंट करके जरूर बताये और यदि आपके मन में अभी भी कोई सवाल हो तो कमेंट के माध्यम से जरूर पूछें।

और इसी तरह की ब्लॉगिंग और टेक्नोलॉजी से सम्बंधित जानकारियों के लिए हमारे अन्य आर्टिकल भी पढ़ें।

इन्हे भी पढ़ें

अगर आप जानना चाहते हैं कि ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है और इसका क्या महत्व है तो लिंक पर क्लिक करके आप हमारी ऑपरेटिंग सिस्टम की कम्पलीट हिंदी गाइड पढ़ सकते हैं।

अगर आप कंप्यूटर वायरस और उनके प्रकार के बारे में और उनसे बचने के उपाय जानना चाहते हैं तो लिंक पर क्लिक करके हमारा वह पोस्ट पढ़ सकते हैं।

अगर आप इंटरनेट पर होने वाले फ्रॉड धोकेबाजी से बचना चाहते हैं तो आपको phishing क्या है और फिशिंग अटैक से कैसे बचें पता होना चाहिए और आप इसके लिए हमारा पोस्ट पढ़कर अपने आप को इंटरनेट जालसाजी से बचा सकते है।

सीखते रहो सिखाते रहो

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *