11 सबसे महत्वपूर्ण Google Ranking Factors You Shouldn’t Ignore-Ultimate Free Hindi Guide

Google Ranking Factors

नमस्कार मित्रों, आशा करता हूँ आप सभी अच्छे होंगे, अगर आप एक ब्लॉगर या वेबसाइट मालिक हैं तब आप google ranking के महत्व को अच्छे से जानते होंगे, अगर आपकी वेबसाइट या पोस्ट google पर rank नहीं हो रहे तो आप अपनी वेबसाइट पर organic traffic नहीं ला सकते।

और यदि आपकी वेबसाइट पर पर्याप्त traffic नहीं है तो आप अपनी वेबसाइट से पैसा नहीं कमा सकते, इसीलिए हम आपको यहाँ 11 सबसे महत्वपूर्ण google ranking factors बताने जा रहे हैं जिनको follow करके आप अपने पोस्ट्स को गूगल पर रैंक करवा सकते हैं।

Google सबसे उपयोगी और प्रासंगिक content results प्रदान करने के लिए काम करता है और उसके लिए गूगल अपने एल्गोरिथम को यूज़ करता है, पूरे वेब से सबसे उपयोगी और रेलेवेंट कंटेंट ढूंढकर यूजर को सर्च रिजल्ट्स में प्रदान करता है, गूगल के अल्गोरिथम में 200 से ज्यादा google ranking factors हैं जिनके आधार पर वह वेबसाइट की google search ranking तय करता है

अगर आप यह पोस्ट पढ़ रहे है तो इसका मतलब है कि आप google ranking factors के बारे में जानना चाहते हैं और अपनी वेबसाइट की google search ranking या google page ranking या google website ranking सुधारना और अच्छी करना चाहते हैं,

और यदि आप SEO ranking factors कि बात करें तो वो भी कही न कही google ranking factors की ही बात करते हैं या उनकी तरफ इशारा करते हैं, इसीलिए हम यहाँ 11 सबसे महत्वपूर्ण google ranking factors बताने जा रहे हैं जिनको फॉलो करके आप १००% अपनी वेबसाइट की google ranking अच्छी कर सकते हैं।

11 सबसे महत्वपूर्ण Google Ranking Factors

लोगों ने SEO और google ranking को बहुत कठिन बना दिया है पर google पर रैंक करना बहुत ही आसान है, और ये कठिन इसीलिए लगता है क्युकी google ने खुद बताया है कि उनके 200 से ज्यादा रैंकिंग signals या ranking factors हैं जो निर्धारित हैं कि कौन पहली पोजीशन पर रैंक करेगा और कौन बिलकुल भी नहीं।

अगर आप गूगल के इन ११ सबसे महत्वपूर्ण google ranking factors को समझ गए तो आप निश्चित ही गूगल पर रैंक कर पाएंगे, तो चलिए हम गूगल के उन चार सबसे महत्वपूर्ण google ranking factors से शुरुवात करते हैं जिनको खुद गूगल ने सीधे बताया है और पुष्टि की है कि इनको फॉलो करके आप अपने पोस्ट को रैंक करवा सकते हो।


सामग्री की प्रयोज्यता(Applicability Of Content)

अगर आप गूगल पर कुछ सर्च करें जैसे कि मुझे अपने पालतू जानवर को कितना खिलाना चाहिए और गूगल रिजल्ट शो करे कि गिरगिट को क्या खिलाएं, तो यह आपको किसी भी तरह से मदद नहीं कर सकता और गूगल का काम तो यही है कि जो भी यूजर सर्च कर रहा है उसे ढूंढने में मदद करना और सही रिजल्ट्स शो करना।

इसीलिए ऐंसे पोस्ट या आर्टिकल जो किसी specific search का उत्तर दें या जिनके लिए सही में कोई सर्च करे वेबसाइट पर होना बहुत जरुरी है, आप ऐसा नहीं कर सकते कि आपने एक पोस्ट लिखा मछली पकड़ने की एक तरकीब और फिर सोचने लगे की यह पोस्ट रैंक करेगा, आपका पोस्ट किसी के specific सर्च का उत्तर होना चाहिए जिसके लिए लोग सर्च करें।


गुणवत्ता लिंक(Quality Links)

हमने अपनी वेबसाइट पर लिंक्स को लेकर बहुत बातें की हैं और सक्रीय रूप से लिंक्स नहीं बनाने को कहा है, पर यहाँ हम यह बताना चाहते हैं कि high-quality links एक महत्वपूर्ण सिग्नल है जो गूगल को बताता है की आपका कंटेंट आधिकारिक (authoritative) है।

तो यदि आप अपनी वेबसाइट को गूगल पर जल्दी रैंक करवाना चाहते हैं तो जरूर आपको कुछ उच्च गुणवत्ता वाले लिंक्स बनाने चाहिए जो गूगल को सिग्नल दे कि आपके लेख और वेबसाइट विश्वसनीय और आधिकारिक हैं,

पर हम लिंक्स बनाने के लिए अपना अधिक समय बर्बाद करने या किसी गलत तरीके से ( black hat link building techniques) लिंक बनाने के लिए नहीं कहते और ना ही किसी सही तरीके से भी लिंक बनाने में अपना सारा समय बर्बाद करने को सही कहते हैं क्युकी यह समय का सही उपयोग नहीं है

उपयोगकर्ता परीक्षण(User Testing)

User Testing गूगल की एक तकनीक है जिसका प्रयोग गूगल आपके पोस्ट की गुणवत्ता, यूजर के व्यवहार, संतुष्टि, और अन्य बातें जानने के लिए करता है।

इस टेस्ट में गूगल आपके पोस्ट को सर्च रिजल्ट्स में सबसे पहले पेज पर शो करता है ताकि यूजर इसके लिंक पर क्लिक करे और पढ़े और यदि यूजर आपके पोस्ट पर टाइम देता है, रुकता है, उसके साथ जुड़ता है, तो ये गूगल के लिए एक सिग्नल होता है कि आपका पोस्ट रैंक करने और सर्च रिजल्ट्स में शो करने के लायक है या नहीं।

अगर आपका पोस्ट सर्च इंजन के रिजल्ट पेज पर शो हो रहा है और लोग अच्छा टाइटल और डिस्क्रिप्शन देख कर उस पर क्लिक कर रहे हैं तो इससे गूगल को सिग्नल जाता है कि इस पोस्ट पर क्लिक हो रहे हैं और यदि लिंक पर क्लिक करने के बाद यूजर आपके पोस्ट पर कुछ टाइम के लिए रुकता है (पढता है) तो फिर गूगल को सिग्नल जाता है कि आपका पोस्ट उपयोगी है,

और यदि यूजर आपके पोस्ट पर जाता है और तुरंत वापस आके किसी और के पोस्ट पर चला जाता है तो इससे गूगल को बुरा सिग्नल जाता है कि आपका पोस्ट यूजर के लिए उपयोगी नहीं था या इस सर्च रिजल्ट के लिए उपयोगी नहीं है और वह आपकी रैंकिंग कम कर देता है।

इसके लिए आप कुछ काम कर सकते हो जिससे आपका पोस्ट यूजर टेस्टिंग में पास हो जाए जैसे =>

  • आर्टिकल की हैडलाइन या टाइटल ऐसा लिखें जो यूजर को आकर्षित करे, आपका टाइटल अच्छा और आपके पोस्ट के बारे में सही जानकारी देने वाला होना चाहिए।
  • अच्छा और लम्बा आर्टिकल लिखे जो यूजर को बांध कर रखे और आगे पढ़ने और पोस्ट पर रुकने को मजबूर करदे।
  • अपने पोस्ट से जुड़े अन्य पोस्ट को लिंक करने की अच्छी तकनीक अपनाये जिससे यूजर आपके अन्य आर्टिकल पर क्लिक करके उसे भी पढ़े और आपकी वेबसाइट छोड़ कर ना जाए।

ऐसे आर्टिकल्स को अपने आर्टिकल के साथ लिंक करे जिनको पढ़ने में यूजर रूचि ले इससे यूजर लिंक पर क्लिक करके आपके दूसरे पोस्ट्स भी पढ़ेगा और आपकी वेबसाइट छोड़कर नहीं जाएगा जिससे गूगल को अच्छा सिग्नल जाएगा, इस तरकीब को अपनाने से आपको अच्छा यूजर एक्सपीरियंस और गूगल पर अच्छा स्कोर मिलेगा।

अगर आप जानना चाहते हैं की इंटरनेट कैसे काम करता है इंटरनेट कनेक्शन कितने प्रकार के होते हैं तो लिंक पर क्लिक करके आप हमारा वह पोस्ट पढ़ सकते हैं।

डोमेन रैंक(Domain Rank)

अब बहुत से लोग यहाँ अपने डोमेन के गुण बताने की कोशिश करेंगे कि मेरे डोमेन की अथॉरिटी 60 है पर हम यहाँ उसकी बात नहीं कर रहे बल्कि आपके डोमेन कि overall health की बात कर रहे हैं।

अगर आपका डोमेन पहले कभी penalized किया जा चूका है या आपका डोमेन नया है तो गूगल आपके डोमेन पर ज्यादा ट्रस्ट नहीं करेगा और ना ही ज्यादा authority प्रदान करेगा।

इससे बाहर निकलने के लिए आपको काम करना पड़ेगा और टाइम देना पड़ेगा, पर जैसे-जैसे आपके डोमेन के पीछे इतिहास जुड़ता जाएगा, आपके दूसरे नए आर्टिकल गूगल के यूजर टेस्टिंग में अच्छा परफॉर्म करने लगेंगे, आपके पास कुछ अच्छे क्वालिटी बैकलिंक्स हो जाएंगे और तब आपका डोमेन गूगल के ट्रस्ट करने लायक हो जाएगा और आपके पोस्ट रैंक करने लगेंगे, और आपके नए पोस्ट भी शुरुवात के टाइम से बहुत कम समय में रैंक करने लगेंगे।

तो ये गूगल रैंकिंग फैक्टर्स सबसे महत्वपूर्ण हैं और करने में सबसे कठिन हैं, पर जब आप नई सामग्री(new content ) बना रहे हो तो केवल सही विषयों पर अच्छी सामग्री लिखने के आलावा इसमें और भी कई महत्वपूर्ण google ranking factors हैं जो आपकी सामग्री और अच्छा बनाते है और गूगल पर अच्छी रैंकिंग पाने में सहायक होते है और हम इनमेसे हर एक के लिए आपको एक स्पेशल टिप बताएंगे।

सामग्री आयु(Content Age)

हम बात कर चुके हैं कि नई वेबसाइट के नए कंटेंट को रैंक होने में कितना टाइम लग सकता है पर यदि पुराना कंटेंट किसी नए कंटेंट के जैसा या उससे अच्छा रैंक ना कर पाए तो आप कैसे मुकाबला करंगे, तथ्य यह है कि यदि आप किसी ऐसे टॉपिक पर पोस्ट लिखते हैं जहाँ age कोई मायने नहीं रखती,

मान लीजिए आप पायथागोरस प्रमेय पर पोस्ट लिखते हैं तो पायथागोरस प्रमेय तो जबसे बना है वैसा ही है उसमे कोई बदलाव नहीं हुआ तो यदि आपका पोस्ट 10 साल पुराना भी हो जाए तो भी कोई फर्क नहीं पड़ता

पर अगर आप किसी ऐसे विषय पर पोस्ट लिखते है जिसमे हमेशा बदलाव होता रहता है जैसे न्यूज़, टेक्नोलॉजी, मान लीजिये आप कैमरा मॉडल्स पर या Wi-Fi router सेट करने पर पोस्ट लिखते हैं तो है कुछ ही सालों में आपका पोस्ट बिलकुल outdated हो जाएगा, तो आप अपने पोस्ट Wi-Fi router कैसे सेटअप करे कि किस तरह मदद करेंगे ,कि वह आगे भी रैंक करता रहे,

पुराना होने के बावजूद कुछ चीजें हैं जो आप कर सकते हैं, पोस्ट पर जाएं और नियमित रूप से कम से कम साल में एक बार उसे मॉडिफाई और अपडेट करें, पर उससे अच्छा यह है कि जब भी आप कोई time-sensitive पोस्ट लिखें जैसे 2020 के सबसे अच्छे कीबोर्ड तो साल के अंत में जाकर उसे अपडेट करके 2021 के सबसे अच्छे कीबोर्ड कर दें।

महत्वपूर्ण टिप – कभी भी अपने पोस्ट के पर्मालिंक में डेट को न रखें जैसे अगर आपने पोस्ट लिखा 2020 के सबसे अच्छे कीबोर्ड तो यह पक्का कर लें कि आपने 2020 को अपने पोस्ट के पर्मालिंक में न रखा हो क्युकि आप साल के अंत में पोस्ट की हैडलाइन तो बदल सकते हैं, पर आप सभी पोस्ट्स का पर्मालिंक बदलना नहीं चाहेंगे।

सामाजिक संकेत(Social Signals)

अगर आप किसी फेसबुक जैसे सोशल मीडिया नेटवर्क पर एक्टिव हैं तो उस पर विशाल फॉलोविंग बनाने का प्रयास करना सिर्फ समय की बर्बादी है क्युकि तथ्य यह है कि यदि आपके पास कुछ सामाजिक समुदाय (social community) हैं जिनका आप अपने ब्लॉग की मदद करने के लिए लाभ उठा सकते हैं तो यह गूगल को एक अच्छा सिग्नल भेजता है और आपके ब्लॉग पोस्ट पर जल्दी अच्छा ट्रैफिक पहुँचाता है जिससे आपके पोस्ट गूगल पर ज्यादा जल्दी रैंक कर सकते हैं और एक समय बाद और ज्यादा अच्छी रैंकिंग पा सकते हैं, तो बिना ज्यादा समय बर्बाद करे आप यह सब कैसे करेंगे

हमारी पहली सलाह यह है कि फेसबुक का उपयोग ना करें क्युकि यह संभवत: किसी भी समय पर किसी भी तरह से आपके संदेश को आपके दर्शकों तक पहुंचाने में बिल्कुल कारगर नहीं होगा, पर इसकी जगह अगर आपके पास अच्छा पॉडकास्ट या यूट्यूब चैनल है तो ये आपके और आपके पोस्ट्स के लिए फ़ॉलॉइंग बनाने के सबसे अच्छे तरीके हैं क्युकि आप जैसे ही कोई नया पोस्ट या कंटेंट अपनी वेबसाइट पर डालते हैं तो आप इन नेटवर्क्स का फायदा अपने पोस्ट पर ट्रैफिक को ले जाने के लिए उठा सकते हैं और अपने फॉलोवर्स को अपने पोस्ट पर ड्राइव कर सकते हैं।

पेज लोड गति(Page Load Speed)

यह भी google ranking factors में बहुत ही महत्वपूर्ण फैक्टर है और हम पहले भी बात कर चुके हैं की यह एक पास/फ़ैल टाइप का टेस्ट है, अगर आपकी वेबसाइट की मोबाइल लोडिंग स्पीड निचले स्तर याने 25 % के लगभग है तो आप SEO में अच्छा परफॉर्म नहीं कर सकते क्युकि यह SEO ranking factors में गूगल के लिए बहुत महत्वपूर्ण ranking factor बनता जा रहा है क्युकि आजकल अधिकतर लोग अपने काम और इंटरनेट का इस्तेमाल मोबाइल डिवाइस से ही कर रहे हैं और स्लो स्पीड को सुधरना कठिन होता है।

अपने ब्राउज़र की दूसरी विंडो ओपन कीजिए और google page speed insights ओपन कीजिए और अपनी वेबसाइट के कुछ पेजेज की स्पीड चेक कीजिए अगर मोबाइल पर आपकी वेबसाइट का स्पीड स्कोर 60 या 60+ रहता है तो आपकी वेबसाइट अच्छा परफॉर्म कर रही है और आपको स्पीड के लिए कुछ करने की जरुरत नहीं है पर यदि यह स्पीड 60 से काम है तो आपको उसे सुधारने की जरुरत है।

आंतरिक लिंक(Internal Links)

ये वो लिंक्स होते हैं जो यूजर को आपकी वेबसाइट में एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाते हैं हम यूजर टेक्स्टिंग में इसके बारे में बात कर चुके हैं, तो आप इंटरनल लिंक्स के द्वारा लोगो से कैसे अपनी वेबसाइट पर ज्यादा क्लिक करवा सकते हैं जिससे गूगल को सिग्नल जाए कि आपका कंटेंट उपयोगी और प्रासंगिक था।

इंटरनल लिंक्स लोगो को वेबसाइट के दूसरे पोस्ट पर ले जाते हैं और गूगल को अच्छा सिग्नल भेजते हैं जिससे गूगल को पता चलता हैं कि आपका पोस्ट उपयोगी और आधिकारिक है और जो पोस्ट रैंक कर रहा है उसके साथ लिंक पोस्ट भी उपयोगी और आधिकारिक है जिससे आपके दूसरे पोस्ट भी रैंक करने लगते हैं।

तो हम ऐसे इंटरनल लिंक्स कैसे लगाए जो हमारे लिए काम करे अब लिंक करना तो सब जानते हैं पर यदि कोई उस लिंक पर क्लिक ही ना करे तो वो लिंक हमारे किसी काम का नहीं है और ना ही हमें उससे कोई फायदा होने वाला है, मान लीजिए, आपने कीबोर्ड के बारे में कोई पोस्ट लिखा और आप उसके साथ अपना दूसरा आर्टिकल 2020 के सबसे अच्छे माउस को लिंक करना चाहते हैं, और आपने माउस शब्द से अपने पोस्ट को लिंक कर दिया,

पर यहाँ दो समस्यांए हैं पहली तो यूजर को नहीं पता की ये लिंक किस चीज का है और उनको कहा ले जाएगा कही ये किसी एफिलिएट वेबसाइट का या विकिपीडिया के आर्टिकल का लिंक तो नहीं है, और दूसरी की उनको इस लिंक पर क्लिक करने से क्या मिलेगा।

पर अगर आपने लिखा कि, हो सकता है कि आप एक अच्छा माउस खरीदना चाहते हों और मैंने 2020 के सबसे अच्छे माउस पर पोस्ट लिखा है तो इतना लिखने से उनको पता चल जाएगा कि लिंक पर क्लिक करने से उनको क्या मिलेगा और ये आपका ही लिखा दूसरा पोस्ट है जिससे उनके मन में कोई सवाल नहीं रहेगा कि लिंक पर क्लिक करने से वे कहाँ जाएंगे और उन्हें क्या मिलेगा।

तो इससे users के आपके लिंक पर क्लिक करने के चांस बढ़ जाएंगे और आप उन अभी लिंक्स से काम ले पाएंगे जो आपने किसी पोस्ट में लगाए है क्युकि आप भी यही चाहते हैं कि लोग उन पर क्लिक करें

अगर आपका कंप्यूटर या लैपटॉप स्लो काम करता है और जानना चाहते कि कंप्यूटर Ki Speed Kaise Badhaye तो लिंक कर आप पोस्ट पढ़ सकते हैं और अपने सिस्टम को तेज बना सकते हैं

छवियाँ और वीडियो(Images And Videos)

आपके ब्लॉग पोस्ट में मल्टीमीडिया का होना अपने आप में गूगल का एक ranking factor है कुछ समय पहले हमने एक वेबसाइट देखी जो सिर्फ differences पर आधारित थी और उसमे वो दो चीजों में अंतर बताते थे और वो अपने सभी पोस्ट्स में सिर्फ एक ही इमेज रखते थे।

वो भी एक पुरानी क्लासिक पेंटिंग की इमेज और वो ऐसा करते थे क्युकि वो गूगल को सिग्नल पहुँचाना चाहते थे कि हम हमारे पोस्ट में मल्टीमीडिया यूज़ कर रहे हैं, पर वो अपनी वेबसाइट के लिए न ही कोई अच्छी इमेज बनाना चाहते थे और ना ही स्टॉक फोटोज से फोटो खरीदने में पैसे खर्च करना चाहते थे, ठीक है हो सकता है इससे वो गूगल को सिग्नल पंहुचा देते थे,

पर इससे अच्छा तो यही है की आप कुछ अच्छी इमेजेज और वीडियोस को अपने पोस्ट में ऐड करें जो आपके पोस्ट के लिए प्रासंगिक हो और आपके पोस्ट के बारे में जानकारी दें जिससे यूजर एक्सपीरियंस भी अच्छा हो

संगठनात्मक जानकारी(Organizational Information)

आपकी वेबसाइट के बारे में आपके पोस्ट के लेखक के बारे में जानकारी यही Organizational Information है, गूगल जानना चाहता है कि जो भी पोस्ट अपने आपकी वेबसाइट पर पब्लिश किये है उनकी कोई अथॉरिटी (आधिकारिकता ) है या नहीं और यदि उसे कोई संकेत नहीं मिलता कि ये पोस्ट किसने लिखा है या इसके पीछे कौन सी संस्था है तो गूगल को उस लेख पर शक होता है कि कही ये पोस्ट किसी से चोरी ये कॉपी तो नहीं किया गया।

तो इसके लिए आपको जरुरत होगी एक about us पेज की, जिसमे आप अपनी वेबसाइट के उद्देश्य के बारे में, वेबसाइट के बारे में लिखें, कि आपकी वेबसाइट के लेख किस बारे में बात करते है, उनका लेखक कौन है लेखक के बारे में लिखें, एक अच्छा terms of use और privacy policy पेज बनायें और ये सब करना WordPress ने बहुत ही आसान कर दिया है, और इन सब से गूगल को सिग्नल जाएगा कि आपकी वेबसाइट legitimate है और उस पर लिखे लेख authoritative हैं।

गुणवत्ता साइटों के लिए आउटबाउंड लिंक(Outbound Links To Quality Sites)

यहाँ पर भी गूगल ये संकेत देखना चाहता है कि आपके पोस्ट सही और आधिकारिक हैं इससे ये समझ आता है कि अपने पोस्ट पर किसी आधिकारिक(authority) वेबसाइट का लिंक लगाने से उसके साथ अपनी वेबसाइट की भी अथॉरिटी बढ़ती है।

उदाहरण के लिए आप इंडियन टेक्स पालिसी के बार में लेख लिखते हैं और यदि आप अपने पोस्ट में इंडियन govt. की टेक्स साइट को लिंक करते हो जहाँ पर ये टेक्स कोड लिखे हुए हैं, तो इससे गूगल को सिग्नल जाता है कि आपने जो जानकारी प्रदान की है वह सही है और आधिकारिक है।

तो ये सब google ranking factors, गूगल के आपकी वेबसाइट को मापने के पैमाने है और इन सभी मेट्रिक्स से गूगल सिर्फ आपकी वेबसाइट की अथॉरिटी जांचना चाहता है और देखना चाहता है कि आपके पोस्ट users के लिए कितने हेल्पफुल हैं, तो अच्छा आर्टिकल लिखने और गूगल पर रैंक करने के मूलभूत आधार यही है कि आप सही और आधिकारिक पोस्ट लिखें जो यूजर के लिए उपयोगी हों।

इनके अलावा भी गूगल के सैकड़ों google ranking factors हैं जिनका प्रयोग गूगल अपने अल्गोरिथम में करता है और decide करता है कि कौन google search ranking में कहाँ पर रहेगा, और ये सब हैं- क्या आपने अपने canonical tags सही से सेट किये हैं, क्या अपने कंटेंट डुप्लीकेसी से बचने के लिए अपने कैटेगरी पेजेज को इंडेक्स किया है, क्या आपने अपनी सभी इमेजेज में ऑल्ट टेक्स्ट लिखा है, और इसी तरह और भी कई google ranking factors हैं।

और इन सब के बारे में बताने वाले आपको बहुत से लोग मिल जाएंगे जो बताएंगे कि हमारी best SEO practices, SEO ranking factors और इसी तरह कई और जो आपको इन सब के बारे में बताएंगे, पर हमारे अनुभव से इन बाकि सभी चीजों ने हमें कभी गूगल पर रैंक करने से नहीं रोका और हमारे बहुत से पोस्ट ऐसे हैं जिन पर हमने सिर्फ अच्छी तरह से पोस्ट लिखा और सही जानकारी दी और उनको पर्याप्त समय दिया और वो अपने आप गूगल पर रैंक करने लगे।

गूगल के अन्य पास/ फ़ैल Google Ranking Factors

ऊपर बताये गए google ranking factors के अलावा भी कुछ google ranking factors हैं जो पास/फ़ैल टाइप के है जिनको आपको जरुरी तौर पर करना चाहिए अगर आप इनको करते हो तो ये आपकी रैंकिंग को बढ़ाने में कोई ज्यादा खास फायदा तो नहीं देंगे पर यदि नहीं करते तो ये आपकी रैंकिंग को बिलकुल नीचे गिरा देंगे।

मोबाइल के अनुकूल(Mobile-Friendly)

अगर आप वर्डप्रेस या कोई भी प्लेटफार्म यूज़ कर रहे हैं तो आपकी theme ऐसी होनी चाहिए जो मोबाइल devices को संभाल सके और अच्छी स्पीड दे और लोडिंग में काम समय ले।

डुप्लिकेट सामग्री(Duplicate Content)

हम कभी भी किसी quote के तीन वाक्यों से ज्यादा वाक्य अपने पोस्ट में नहीं लिखते, आपको भी कभी किसी और वेबसाइट का कंटेंट या इमेज अपने पोस्ट में उपयोग नहीं करना चाहिए, आपको ऐसी कोई भी चीज अपने पोस्ट में नहीं डालना चाहिए जिसको उपयोग करने का आपके पास अधिकार ना हो।

एसएसएल प्रमाणपत्र(SSL Certificate)

SSL Certificate होना या ना होना थोड़े समय के लिए तो आपकी रैंकिंग पर कोई असर नहीं डालेगा पर जैसे ही ये गूगल की नजरों में जाएगा तो इसका आपकी रैंकिंग पर बुरा असर पड़ेगा क्युकि गूगल उस वेबसाइट पर ज्यादा विश्वास नहीं करता जो सिक्योर नहीं होतीं।

टूटे हुए लिंक(Broken Links)

अगर आपकी वेबसाइट पर ब्रोकन लिंक्स हैं जो यूजर को कही नहीं ले जाते तो आपको उन लिंक्स को हटा देना चाहिए क्युकी इससे आपकी रैंकिंग पर बुरा असर पड़ता है।

निष्कर्ष

हमने यहाँ सबसे जरुरी google ranking factors और SEO ranking factors के बारे में बात की और यदि आप इन सभी को फॉलो करते हो तो १००% आपके पोस्ट गूगल पर रैंक करेंगे और समय बीतने के साथ-साथ पहले स्थान पर भी आएंगे, पर आपको हमेशा याद रखना होगा कि कंटेंट ही सब कुछ है इसीलिए हमेशा अच्छा और आधिकारिक कंटेंट लिखें।

सीखते रहो सिखाते रहो

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